भुला ना सकू में तेरी यादों को
यादों में तेरी ना सोऊ में रातों को
बन ही गया ..... इश्क चाहत ...(3)
इश्क चाहत ....बन ही गया। (1)
सजदो में तेरे सर को झुकाऊ
जुल्फो में तेरी में छुप जाऊ
मजनू तेरे इश्क में बन जाऊं मैं
बनकर मजनू कुछ कर जाऊं मैं
छुपा ना सकोगे तुम मेरी बातों को
भुला ना सकू में तेरी यादों को
यादों में तेरी ना सोऊ में रातों को
बन ही गया ..... इश्क चाहत ...(3)
इश्क चाहत ....बन ही गया। (1)
इश्क में है जीना इश्क में है मरना
पागल दिल ना माने इश्क है करना
तेरी यादों में दिल बेचैन रहता है
मेरी रातों में हो तुम शामिल कहता है
केसे भूल पाओगे तुम मेरी मुलाकातों को
भुला ना सकू में तेरी यादों को
यादों में तेरी ना सोऊ में रातों को
बन ही गया ..... इश्क चाहत ...(3)
इश्क चाहत ....बन ही गया। (1)
Rijwan khan





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