ना जाने क्यों दिल मचलता है मेरा
इस दिल पर जोर क्यों नहीं चलता मेरा
आ जाओ तुम एक हो जाएं हम
बेताब दिल की ख्वाहिश हो तुम....
ख्वाहिश हो तुम.......4
बेचैन दिल में कितनी है हसरतें
प्यार बहुत तुमसे हम भी हैं करते
मेरे इश्क की इंतेहा कोई नहीं
शुरुआत अब तक हुई ही नहीं
तेरे सिवा मेरा ना हो कोई गम
आ जाओ तुम एक हो जाएं हम
बेताब दिल की ख्वाहिश हो तुम
ख्वाहिश हो तुम........4
खींचलू तुझे मैं अपनी बाहों में
नहीं है कोई अपनी राहों में
भुला ना सकूं यादों को तेरी
बनाने की अपना फितरत है मेरी
मिल जाओ तुम देखे कितना है दम
आ जाओ तुम एक हो जाएं हम
बेताब दिल की ख्वाहिश हो तुम
ख्वाहिश हो तुम........4





No comments:
Post a Comment
Thanks