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Thursday, 29 July 2021

बेचैन दिल की ख्वाहिश

 





ना जाने क्यों दिल मचलता है मेरा

इस दिल पर जोर क्यों नहीं चलता मेरा

आ जाओ तुम एक हो जाएं हम

बेताब दिल की ख्वाहिश हो तुम....

ख्वाहिश हो तुम.......4


बेचैन दिल में कितनी है हसरतें

प्यार बहुत तुमसे हम भी हैं करते

मेरे इश्क की इंतेहा कोई नहीं

शुरुआत अब तक हुई ही नहीं

तेरे सिवा मेरा ना हो कोई गम



आ जाओ तुम एक हो जाएं हम

बेताब दिल की ख्वाहिश हो तुम

ख्वाहिश हो तुम........4



खींचलू तुझे मैं अपनी बाहों में

नहीं है कोई अपनी राहों में

भुला ना सकूं यादों को तेरी

बनाने की अपना फितरत है मेरी

मिल जाओ तुम देखे कितना है दम


आ जाओ तुम एक हो जाएं हम

बेताब दिल की ख्वाहिश हो तुम

ख्वाहिश हो तुम........4



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